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छोटे मुंह से कैसे कह दूँ इस भारत की बात रे
तुम्ही हो माता पिता तुम्ही हो तुम्ही हो बंधु सखा तुम्ही हो।। प्रेरक भजन केदारधाम के छात्रों के
चल निरंतर चल चल|| प्रेरक गीत।। विद्याभारती साधारण सभा मे पूर्वोत्तर की बहिन द्वारा।।
मन मस्त फकीरीधारी है अब एक धुन जय जय भारत।। प्रेरक गीत – दुर्गसिंह राजपुरोहित।।